सब से छुपा कर दर्द , वो जो मुस्कुरा दिया
उस कि हंसी ने आज तो हमको भी रुला दिया ;
लहजे से उठ रहा था , हर इक दर्द का धुंआ
चेहरा बता रहा था की उसने कुछ गँवा दिया ;
जाने क्या उसको, लोगों से थी शिकायतें
तनहाइयों के देश में खुद को बसा दिया ;
खुद भी वो हम से बिछड़ कर, अधूरा सा हो गया
हम को भी इतने लोगों में तन्हा सा बना दिया ;
सब से छुपा कर दर्द , वह जो मुस्कुरा दिया
उस कि हंसी ने आज तो हमको भी रुला दिया !
achcha likha he be kavi kab se ban gaya
जवाब देंहटाएंare yar jindgi kisi na kisi mod pe sabhi ko kavi bana deti...........
जवाब देंहटाएंabe itna ganda ku likhta h....
जवाब देंहटाएंlikhna jaroori tha kya??????
are yar ha likhna jaruri tha kyoki agar likhta nahi to padna padta ...........:)
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